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Best 3 Essays On Mera Priya Vaigyanik Nibandh In Hindi | मेरा प्रिय वैज्ञानिक निबन्ध हिंदी में

Mera Priya Vaigyanik

Mera Priya Vaigyanik Nibandh Hindi

                विज्ञान सत्य की एक छबि है। मेरे प्रिय वैज्ञानिक डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम हैं, उन्हें पूरी दुनिया मिसाइल मैन के नाम से जानते है। इनका जन्म १५ अक्टूबर १९३१ को तमिलनाडु मे हुआ। डॉ ए. पी. जे अतुल कलाम का पूरा नाम अतुल  पाकिर जैनुल्लाब्दीन अब्दुल कलाम था। डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम एक महान वैज्ञानिक थे। ए. पी. जे अब्दुल कलाम के घर कि आर्थिक परिस्थि अच्छी नहीं थी । परंतु उन्हें पढ़ने का बहुत शौक था। उनके पढ़ाई का खर्च और घर काम निकालने के लिए वे सुबह सबके घर अकबार बेचते थे।

                इतने संघर्ष करते हुए अब्दुल कलाम ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रामेश्वरम में किया और अपने आगे की पढ़ाई याने उच्च शिक्षा के लिए तिरुचिरापली चले गए। वहाँ पर उन्होंने सेंट जोसेफ कॉलेज से ही एस सी की प्राप्ती की।सन १९७८ में उन्होंने मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ ट टेक्नोलॉजी से एयरोनोटिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। उनका सपना था कि वे आसमानों कि उँचाइयो मे पहुंचे यानी कि पायलट बने इसलिए पायलट की परीक्षा दी पर उनका सपना साकार न हो सका। इस घटना के बाद वे उदास बहुत हुए परंतू उन्होंने हार नहीं मानी ।

                वो कहते है ना कोशिश करने वालो की हार नहीं होती भारत सरकार ने इन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारतरत्न” से सम्मानित किया था।ये ऐसे तीसरे राष्ट्रपति है जिन्हे यह सम्मान राष्ट्रपति बनने से पहले प्राप्त हुआ है। २००२ मैं इन्होंने भारत के ११ वे राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। अब्दुल कलाम एक गरीब परिवार से होने के बावजूद भी उन्होंने कभी-भी अपनी पढ़ाई को रोका नहीं या बहाना नही दिया अपनी पूरी लगन और मेहनत से वे इस कामयाबी पे है।उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइल और स्पेस रॉकेट टेक्नोलॉजी के विकास में उन्होंने बहुत बड़ा योगदान दिया है।

                भारत सरकार में एक वैज्ञानिक सलाहकार के रुप में, साथ ही साथ इसरो और डीआरडीओ में अपने योगदान के लिये १९८१ में पदम् भूषण और १९९०में पदम् विभूषण से भी सम्मानित किया गया है।२७ जुलाई २०१५ कि शाम को डॉ अब्दुल कलाम शिलांग मे व्याख्यान दे रहे थे। इसी दौरान उन्होंने दिल का दौरा पड़ा जिससे इनका निधन हो गया। परंतु अभी भी वे हमारे दिल में रहेंगे। बच्चो के लिए वो प्रेरणा है ।

                                                                                                                                                                                          — Diksha Das

                                                                                                                                                                                    (Carmel, Navi Mumbai)

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