Best 499+ Sai Baba Quotes | Sai Baba Images With Quotes (2024)

Sai Baba Quotes

Sai Baba Quotes
Sai Baba Quotes

साईं बाबा के अनमोल विचारों से प्रेरित हों। इस विशेष संग्रह में, साईं बाबा के महान उक्तियों का संग्रह है जो जीवन को प्रेरित करते हैं और सहारा प्रदान करते हैं। इन विचारों से सीखें, प्रेरित हों और अपने जीवन को सकारात्मकता और समृद्धि की दिशा में बदलें। साईं बाबा के गंभीर विचारों के साथ अपनी आत्मा को स्पर्श करें और एक उत्कृष्ट जीवन की ओर बढ़ें।

Sai Baba Quotes

  • 🌸 साईं बाबा की कृपा से जीवन में सुख और शांति है।
  • 📿 श्रद्धा और सच्चा भक्ति साईं बाबा के दरबार में जीवन को महका देते हैं।

  • 🌟 साईं बाबा के उपदेशों में छुपा है जीवन का सही मार्ग।
  • 🌈 साईं बाबा के आशीर्वाद से अध्यात्मिक सफलता प्राप्त होती है।

  • 💖 दया और करुणा के सागर साईं बाबा की महिमा में अद्वितीय हैं।
  • 🌺 साईं बाबा का सत्संग सुनकर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन होता है।

  • 📜 “श्रद्धा रखो और सब कुछ संभव है,” साईं बाबा का आदान-प्रदान।
  • 🌄 साईं बाबा के चरणों में ही आत्मा का शांति प्राप्त होती है।

  • 🌠 साईं बाबा के उपदेशों से जीवन को सरल बनाएं।
  • 🌻 “कृपा करो, शांति में रहो, और अच्छा करो,” साईं बाबा का संदेश।

  • 🙏 साईं बाबा की आराधना से मन को शुद्धि मिलती है।
  • 🌈 साईं बाबा के भजनों से भक्ति और भावना में वृद्धि होती है।

  • 🎶 “श्रद्धा और सच्चा भक्ति से सभी कष्टों का समाधान होता है,” साईं बाबा का कहना है।
  • 🌟 साईं बाबा के साथ रहकर जीवन को एक नए दृष्टिकोण से देखा जा सकता है।

  • 🕉️ साईं बाबा की महिमा अत्यंत अद्भुत और रहस्यमय है।
  • 🌺 साईं बाबा के चरणों में समर्पित होने से मुक्ति मिलती है।

  • 🌄 “कर्म करो, फल का आसक्त ना रहो,” साईं बाबा का ब्रह्मग्यान।
  • 💐 साईं बाबा के भक्ति में रहकर जीवन को सफलता की ऊँचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

  • 🌈 साईं बाबा का संदेश है: “सभी में दिव्यता है, सिर्फ समझना है।”
  • 📜 साईं बाबा के वचनों में सत्यता और प्रेम का अद्वितीय संगम है।

  • 🌸 साईं बाबा का उपदेश: “जो भी हो, वही अच्छा है।”
  • 🎵 साईं बाबा के भजनों में दिव्य भावना का अनुभव होता है।

  • 🕊️ साईं बाबा के प्यार में रहकर जीवन को सुखमय बनाएं।
  • 🌅 “भक्ति में एकाग्रता रखो, फल आपके कदमों में होगा,” साईं बाबा का उपदेश।

  • 🌹 साईं बाबा की कृपा से ही जीवन में सफलता हो सकती है।
  • 🌠 साईं बाबा के भजनों से आत्मा का संबल बढ़ता है।

  • 🌟 “आत्मा को पहचानो, भगवान वही है,” साईं बाबा का सिक्षा।
  • 💖 साईं बाबा के चरणों में ही आनंद और शांति का अहसास होता है।

  • 📿 साईं बाबा का संदेश: “किसी के दुःख में भागीदार बनो और सहानुभूति बढ़ाओ।”
  • 🌸 साईं बाबा के चरणों में आनंद और शांति का सागर है।

  • 🌈 साईं बाबा के उपदेश से जीवन को नेतृत्व और सजगता मिलती है।
  • 🌺 साईं बाबा का संदेश: “अपने कर्मों में निष्ठा रखो, फल आएगा।”

  • 🌟 साईं बाबा के चरणों में ही आत्मा का शुद्धि मिलता है।
  • 🌄 “जब तुम मुझे याद करोगे, मैं तुम्हारे साथ हूँ,” साईं बाबा का वचन।

  • 🙏 साईं बाबा के प्रति श्रद्धा रखकर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन होता है।
  • 📜 साईं बाबा के भजनों में भक्ति और आनंद का मिलन होता है।

  • 🌠 साईं बाबा का संदेश: “जीवन को सरल बनाओ, सभी को प्रेम करो।”
  • 🌻 साईं बाबा के चरणों में समर्पण से जीवन में समृद्धि होती है।

  • 🎶 “भगवान सभी में हैं, सिर्फ उसे पहचानो,” साईं बाबा का उपदेश।
  • 🌷 साईं बाबा की कृपा से ही जीवन में सुख और शांति है।

  • 🌺 साईं बाबा के उपदेश से जीवन को संबल मिलता है।
  • 🕊️ साईं बाबा के चरणों में ही आत्मा का पूर्णता से मिलन होता है।

  • 🌠 साईं बाबा का संदेश: “श्रद्धा रखो, सब कुछ संभव है।”
  • 🌻 साईं बाबा के भक्ति में ही जीवन को सार्थकता मिलती है।

  • 🌈 “भगवान सभी में निवास करते हैं, बस उन्हें देखने का तरीका बदलो,” साईं बाबा का संदेश।
  • 📜 साईं बाबा के चरणों में ही आत्मा को मुक्ति मिलती है।

  • 🌄 साईं बाबा के भजनों में भक्ति और आनंद से भरा होता है।
  • 🌟 साईं बाबा के उपदेश से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन होता है।

  • 🌹 साईं बाबा के चरणों में ध्यान रखने से जीवन को दीप्ति मिलती है।
  • 🙏 “भक्ति का मतलब है भगवान के साथ एकता में रहना,” साईं बाबा का सिद्धांत।

  • 》🟣》साईं बाबा के उपदेशों में शांति छुपी है, जो हमें अपने जीवन को सरल और सजीव बनाते हैं।
  • II. 》🟣》भक्ति की भावना से जुड़े साईं बाबा के विचार हमें आत्मा के साथ मिलाकर एकता की अनुभूति कराते हैं।

  • III. 》🟣》साईं बाबा के उपदेशों में समर्पण और सेवा का सिद्धांत छिपा होता है, जो हमें दूसरों के सहायता करने का मार्ग दिखाता है।
  • IV. 》🟣》जीवन की मुश्किल स्थितियों में साईं बाबा के उपदेश हमें सहारा देते हैं और हमें सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।

  • V. 》🟣》साईं बाबा का उद्धारण – “श्रद्धा और सच्चे मन से भगवान की पूजा करो, क्योंकि वह सभी के दिल में बसे हैं।”
  • VI. 》🟣》ध्यान और तात्कालिक समय में रहने के महत्वपूर्णीय सिद्धांतों के साथ, साईं बाबा हमें धार्मिकता में समर्थन देते हैं।

  • VII. 》🟣》साईं बाबा के उपदेशों का पालन करके हम अपने जीवन को सकारात्मक और संतुलित बना सकते हैं।
  • VIII. 》🟣》उनके उपदेश हमें यह सिखाते हैं कि सत्य और ईमानदारी का पालन करना हमारे जीवन को कैसे सुधार सकता है।

  • IX. 》🟣》साईं बाबा के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण सिद्धांत – “सभी में एक देव है, और सभी धर्मों का सम्मान करो।”
  • X. 》🟣》उनके शिक्षाओं में नेतृत्व के महत्वपूर्णीय सिद्धांतों के साथ, साईं बाबा हमें अपने पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

  • XI. 》🟣》साईं बाबा के अनुसार, भक्ति और सेवा में सत्य भगवान के पास ले जाते हैं।
  • XII. 》🟣》”कर्म का फल केवल आपके कर्मों का होता है, न कि आपकी चिंता का।” – साईं बाबा

  • XIII. 》🟣》साईं बाबा के उपदेशों में व्यक्ति को सबको प्रेम से देखने का सिद्धांत है, जो समृद्धि और शांति का स्रोत है।
  • XIV. 》🟣》वहाँ शक्ति है, जहाँ विश्वास है – यह साईं बाबा के महत्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक है।

  • XV. 》🟣》साईं बाबा के उपदेशों में संयम और ध्यान के महत्वपूर्णीय सिद्धांत होते हैं, जो व्यक्ति को आत्मा के साथ मिलाकर आत्म-समर्पण में मदद करते हैं।
  • XVI. 》🟣》साईं बाबा के उपदेश – “किसी के प्रति कृपा रखो, क्योंकि वह तुम्हारे स्वर्ग की ओर एक कदम हो सकता है।”

  • XVII. 》🟣》जीवन की सच्ची महिमा साईं बाबा के उपदेशों में छिपी है, जो हमें आत्मा के माध्यम से दिव्यता की ओर प्रवृत्ति करते हैं।
  • XVIII. 》🟣》साईं बाबा के शिक्षाओं में स्वीकृति और समर्पण के लिए आदर्श सिद्धांत हैं, जो जीवन को सरल बनाते हैं।

  • XIX. 》🟣》”सबका मालिक एक है, हर एक को बराबरी से प्यार करो।” – साईं बाबा
  • XX. 》🟣》साईं बाबा का उद्धारण – “किसी के साथ बुरा व्यवहार न करो, और उसका भला करने का प्रयास करो।”

  • XXI. 》🟣》ध्यान और समर्पण के माध्यम से, साईं बाबा के उपदेश हमें आत्मिक विकास की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं।
  • XXII. 》🟣》साईं बाबा के उपदेश – “जिसने सच्चे दिल से भगवान को चाहा, उसके लिए हर कार्य संभव है।”

  • XXIII. 》🟣》उनके उपदेशों में योग्यता और न्याय के महत्वपूर्ण सिद्धांतों के साथ, साईं बाबा हमें सही दिशा में चलने के लिए प्रेरित करते हैं।
  • XXIV. 》🟣》”किसी की भी भूल को माफ कर दो और सच्चे दिल से प्रेम करो।” – साईं बाबा

  • XXV. 》🟣》साईं बाबा के उपदेशों में समर्पण और ईमानदारी के महत्वपूर्णीय सिद्धांत होते हैं, जो जीवन को सफल बनाते हैं।
  • XXVI. 》🟣》”भगवान के सबका भला करें, और उसकी प्रेम भरी वाणी से बातचीत करें।” – साईं बाबा

  • XXVII. 》🟣》साईं बाबा के उपदेश – “किसी के खिलाफ भावनाएं रखने की जगह, उसके साथ समाधान की दिशा में काम करो।”
  • XXVIII. 》🟣》साईं बाबा का सिद्धांत – “कभी भी असफलता को अपने मन में बिताने की जरूरत नहीं है, बल्कि उससे सीखो और आगे बढ़ो।”

  • XXIX. 》🟣》साईं बाबा के उपदेश – “सभी को एकसाथ मिलकर रहना और एक दूसरे का समर्थन करना हमारा धर्म है।”
  • XXX. 》🟣》साईं बाबा के उपदेशों में सच्चे प्रेम और समर्पण के महत्वपूर्ण सिद्धांत होते हैं, जो जीवन को रूपांतरित करते हैं।

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Sai Baba Images With Quotes

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साईं बाबा के अनमोल वचनों के साथ छवियों का आनंद लें। यहाँ साईं बाबा के अद्भुत उद्धरणों और प्रेरणादायक छवियों का संग्रह है। इन विशेष छवियों के साथ साईं बाबा के अद्भुत वचनों का आनंद लें और जीवन में प्रेरणा लें। ये छवियाँ और वचन आपको आध्यात्मिक शांति और सकारात्मकता की दिशा में मार्गदर्शन करेंगे। आइए, इन प्रेरणादायक छवियों को देखकर अपनी दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव लाएं।

  • 》🟣》”एक दूसरे से प्रेम करें और दूसरों को उच्च स्तरों तक पहुँचने में मदद करें, सिर्फ प्रेम बहाकर।” – साई बाबा 🔮
  • 》🟣》”आलस्य न करें। काम करें, भगवान का नाम बोलें और शास्त्र पढ़ें।” – साई बाबा 📖

  • 》🟣》”वह आए जो भी है, उसके साथ संतुष्ट और हंसमुख रहें।” – साई बाबा 😇
  • 》🟣》”हमारा कर्तव्य क्या है? सही तरीके से व्यवहार करना। बस, इतना ही काफी है।” – साई बाबा 💖

  • 》🟣》”भूखे को भोजन, प्यासे को पानी, और नग्न को कपड़े दो। तब भगवान प्रसन्न होंगे।” – साई बाबा 🙏
  • 》🟣》”तुम्हें आध्यात्मिक होना चाहिए। बस, भगवान के नाम को एक टोते की तरह बार-बार दोहराने का कोई उपयोग नहीं है।” – साई बाबा 🦜

  • 》🟣》”जो भी प्राणी आपके पास आता है, चाहे मानव हो या कुछ और, उसके साथ उदारता से व्यवहार करें।” – साई बाबा 🌍
  • 》🟣》”भगवान की आराधना करें, पर उसमें दिल से भागीदारी करें, तब शान्ति मिलेगी।” – साई बाबा 🕊️

  • 》🟣》”सब कुछ भगवान के हुक्म में है, हमें सिर्फ शरणगति में जीना चाहिए।” – साई बाबा 🌌
  • 》🟣》”सत्य, प्रेम और शांति से भरपूर जीवन जीना हमारा उद्देश्य होना चाहिए।” – साई बाबा ✨

  • 》🟣》”आत्मा में भगवान का आवास है, हमें इसे पहचानना चाहिए।” – साई बाबा 🌟
  • 》🟣》”जो भी हो, उसमें भगवान का दर्शन करो और उसमें भगवान को पहचानो।” – साई बाबा 👁️

  • 》🟣》”अपने शब्दों को सच्चाई और करुणा से भर दो, ताकि वे दूसरों को शक्ति दे सकें।” – साई बाबा 🗣️
  • 》🟣》”सच्चा सेवा भगवान को सेवा करने से होता है।” – साई बाबा 🤲

  • 》🟣》”जो भी हो, उसमें एक दृढ़ निष्ठा रखो और भगवान में विश्वास करो।” – साई बाबा 🌈
  • 》🟣》”संकीर्तन में एकाग्रता रखो और भगवान के नाम का सुन्दर गान करो।” – साई बाबा 🎶

  • 》🟣》”भगवान सबके दिल में है, हमें अपनी भक्ति से उसकी कृपा प्राप्त होती है।” – साई बाबा 💓
  • 》🟣》”दूसरों के दुख को समझो और उनकी मदद करो, ताकि तुम्हारा जीवन धर्मपरायण हो।” – साई बाबा 🤝

  • 》🟣》”भगवान की प्रेम भरी नजरों से दुनिया को देखो, तो हर वस्तु में उसका रूप दिखाई देगा।” – साई बाबा 👀
  • 》🟣》”सत्य, शांति, प्रेम, और क्षमा से भरा हुआ हृदय रखो, तो भगवान आपके साथ हैं।” – साई बाबा ❤️

  • 》🟣》”अपने कर्मों में ईश्वर की पूजा करो और निरंतर उसके साथ जुड़े रहो।” – साई बाबा 🙌
  • 》🟣》”दुनिया में भलाई फैलाओ, क्योंकि भलाई ही भगवान का स्वरूप है।” – साई बाबा 🌐

  • 》🟣》”आत्म-समर्पण से जीवन को सार्थक बनाओ, भगवान आपके साथ हैं।” – साई बाबा 🌺
  • 》🟣》”किसी की निंदा ना करो, क्योंकि वह भी एक ही ईश्वर की संविदान है।” – साई बाबा 🤐

  • 》🟣》”अनुशासन में रहो और अपनी इच्छा को ईश्वर के हुक्म में समर्पित करो।” – साई बाबा 📜
  • 》🟣》”समझदारी से चलो और अपनी भूलों से सीखो, भगवान सभी को क्षमा करते हैं।” – साई बाबा 🧠

  • 》🟣》”जीवन को सरल बनाओ, अपने आत्मा के साथ मिलकर चलो।” – साई बाबा 🚶‍♂️
  • 》🟣》”ध्यान रखो कि भगवान के बिना कोई कार्य संभव नहीं है।” – साई बाबा 🔄

  • 》🟣》”दूसरों के साथ सहानुभूति रखो, ताकि तुम भी भगवान की कृपा पा सको।” – साई बाबा 🤲
  • 》🟣》”जीवन का मूल्य समझो और समझदारी से निर्णय लो, भगवान तुम्हारे साथ हैं।” – साई बाबा 🌟

  • 》🟣》”भगवान के नाम में लिपटे रहो और उसकी कृपा में रहो।” – साई बाबा 🌈
  • 》🟣》”आत्मा को शांति से भरो और भगवान के साथ संयोग में रहो।” – साई बाबा ☮️

  • 》🟣》”सच्ची प्रेम और समर्पण से अपने कर्मों को बदलो, भगवान सबका साथ है।” – साई बाबा 💪
  • 》🟣》”भगवान के साथ बातचीत करो और उसके आदर्शों का पालन करो।” – साई बाबा 🗣️

  • 》🟣》”आत्म-संयम रखो और भगवान के प्रति अपनी भक्ति में विश्वास रखो।” – साई बाबा 🤞
  • 》🟣》”आपकी आत्मा हमेशा भगवान के साथ जुड़ी रहे, तो आपका जीवन पूर्ण होगा।” – साई बाबा 👁️

  • 》🟣》”कभी भी शक्ति को अपने आत्मा में महसूस करो, भगवान सदैव साथ हैं।” – साई बाबा 💫
  • 》🟣》”ध्यान से अपने मन को शांत करो और भगवान के साथ एकाग्रता में रहो।” – साई बाबा 🧘‍♂️

  • 》🟣》”सत्य का पालन करो और भगवान के साथ तुम्हारा संबंध दृढ़ होगा।” – साई बाबा 🌺
  • 》🟣》”जब तुम दूसरों की मदद करते हो, तो भगवान भी तुम्हारे साथ हैं।” – साई बाबा 🤝

Sai Baba Quotes In English

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Sai Baba Quotes

“Sai Baba’s inspirational quotes offer wisdom and guidance for life’s journey. Explore a collection of profound teachings and spiritual insights that inspire, motivate, and bring positivity to your day.”

  • 》🌼》 “Kindness is the language which the deaf can hear and the blind can see.” 》🌸》
  • 》🍀》 “Do not be idle: work, utter God’s name, and read the scriptures.” 》📖》

  • 》🌺》 “Love all, trust a few, do wrong to none.” 》💖》
  • 》🌟》 “If you are wealthy, be humble. Plants bend when they bear fruit.” 》💰》

  • 》🌈》 “What you sow, you reap. What you give, you get.” 》🌾》
  • 》🎋》 “Let love be your constant guide.” 》💗》

  • 》🔮》 “You don’t have to see the whole staircase, just take the first step.” 》🚶》
  • 》🌑》 “The end of wisdom is freedom.” 》🗝️》

  • 》🌓》 “Hands that serve are holier than lips that pray.” 》👐》
  • 》🌔》 “The rich cannot accumulate wealth without the cooperation of the poor.” 》💼》

  • 》🌕》 “Start the day with love, fill the day with love, end the day with love.” 》❤️》
  • 》🌖》 “Life is a song – sing it. Life is a game – play it.” 》🎶》

  • 》🌗》 “The end of all wisdom is to realize that we are all one.” 》🌐》
  • 》🌘》 “See the good in people and help them.” 》👫》

  • 》🌙》 “Patience is the key to paradise.” 》⏳》
  • 》🌚》 “Don’t let your mind wander too far. Stay grounded in the present moment.” 》🧘》

  • 》🌛》 “Man is lost and is wandering in a jungle where real values have no meaning.” 》🌳》
  • 》🌜》 “God is the most beautiful, and beauty is the expression of God.” 》🌹》

  • 》🌷》 “You must be the change you want to see in the world.” 》🌍》
  • 》🌸》 “Where there is love, there is no question.” 》❓》

  • 》🌹》 “Unity is divinity. Love is God.” 》💖》
  • 》🌺》 “The greatest gift you can give someone is the purity of your attention.” 》🎁》

  • 》🌻》 “Be like the flower that gives its fragrance to even the hand that crushes it.” 》🌸》
  • 》🌼》 “Duty without love is deplorable. Duty with love is desirable. Love without duty is divine.” 》💞》

  • 》🌽》 “Your duty is to treat everybody with love as a manifestation of the Lord.” 》💕》
  • 》🌾》 “Anger makes you smaller while forgiveness forces you to grow beyond what you are.” 》😡》

  • 》🌿》 “True education is that which inculcates love for God and develops morality.” 》📚》
  • 》🍀》 “Love in the heart brings joy to the mind.” 》💖》

  • 》🍁》 “The best way to find yourself is to lose yourself in the service of others.” 》🤝》
  • 》🍂》 “Do not be obsessed by the importance of wealth.” 》💰》

  • 》🍃》 “Pray to God with a clean heart. He does not want the outer ritual but the inner purity.” 》🙏》
  • 》🌰》 “Speak the truth and follow the dharma. The essence of dharma is non-violence.” 》🗣️》

  • 》🍄》 “Realize that life is a pilgrimage that the soul has to take.” 》🚶》
  • 》🌞》 “Have faith and patience. Then I will be always with you wherever you are.” 》🌈》

  • 》🌝》 “Have the eye of the eagle, the heart of the lion, and the hand of the lady.” 》👁️》
  • 》🌛》 “Be like the bird that, passing on her flight awhile on boughs too slight, feels them give way beneath her, and yet sings, knowing that she hath wings.” 》🐦》

  • 》🌜》 “Life is a game. Play it.” 》🎲》
  • 》🌑》 “Let all the quarters of the world be your home.” 》🌎》

  • 》🌓》 “Love is not an attachment. It is a commitment.” 》💑》
  • 》🌕》 “The body will shine if the character is fine.” 》✨》

  • 》🌖》 “Character is the crown of life. It is the aim of life.” 》👑》
  • 》🌗》 “See good, be good, and do good.” 》👀》

  • 》🌘》 “Start the day with love, fill the day with love, end the day with love.” 》❤️》
  • 》🌙》 “Do not wait for leaders; do it alone, person to person.” 》👥》

  • 》🌚》 “Life is a pilgrimage that the soul has to take.” 》🚶》
  • 》🌛》 “Don’t be obsessed with the importance of wealth.” 》💰》

  • 》🌜》 “Patience is the key to paradise.” 》⏳》
  • 》🌷》 “The end of all wisdom is to realize that we are all one.” 》🌐》

  • 》🌸》 “Where there is love, there is no question.” 》❓》
  • 》🌺》 “Unity is divinity. Love is God.” 》💖》

Sai Baba Chalisa

sai baba chalisa
Sai Baba Quotes


साई बाबा चालीसा, एक पारंपरिक स्तुति है जो साईं बाबा की महिमा, कृपा और शक्ति को व्यक्त करती है। यह चालीसा भक्तों को शांति, सुख, और आनंद की प्राप्ति में मदद करती है। साईं बाबा के चरणों में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वर्णन करती हुई यह चालीसा उनके आशीर्वाद से जीवन को संतुष्टि पूर्वक जीने का मार्ग प्रशस्त करती है। साईं भक्तों के लिए यह चालीसा एक मार्गदर्शक, शुभ और प्रेरणास्पद है।

संपूर्ण साईं बाबा चालीसा ह‍िंदी में

कौन हैं माता, पिता कौन हैं, यह न किसी ने भी जाना ।
कहां जनम साईं ने धारा, प्रश्न पहेली रहा बना ॥


कोई कहे अयोध्या के ये, रामचन्द्र भगवान हैं ।
कोई कहता साईंबाबा, पवन-पुत्र हनुमान हैं ॥


कोई कहता मंगल मूर्ति, श्री गजानन हैं साईं ।
कोई कहता गोकुल-मोहन, देवकी नन्दन हैं साईं ॥


शंकर समझ भक्त कई तो, बाबा को भजते रहते ।
कोई कह अवतार दत्त का, पूजा साईं की करते ॥


कुछ भी मानो उनको तुम, पर साईं हैं सच्चे भगवान ।
बड़े दयालु, दीनबन्धु, कितनों को दिया है जीवन दान ॥


कई वर्ष पहले की घटना, तुम्हें सुनाऊंगा मैं बात ।
किसी भाग्यशाली की, शिर्डी में आई थी बारात ॥


आया साथ उसी के था, बालक एक बहुत सुन्दर ।
आया, आकर वहीं बस गया, पावन शिर्डी किया नगर ॥


कई दिनों तक रहा भटकता, भिक्षा मांगी उसने दर-दर ।
और दिखाई ऐसी लीला, जग में जो हो गई अमर ॥


जैसे-जैसे उमर बढ़ी, वैसे ही बढ़ती गई शान ।
घर-घर होने लगा नगर में, साईं बाबा का गुणगान ॥


दिग्-दिगन्त में लगा गूंजने, फिर तो साईंजी का नाम ।
दीन-दुखी की रक्षा करना, यही रहा बाबा का काम ॥


बाबा के चरणों में जाकर, जो कहता मैं हूं निर्धन ।
दया उसी पर होती उनकी, खुल जाते दु:ख के बन्धन ॥


कभी किसी ने मांगी भिक्षा, दो बाबा मुझको सन्तान ।
शिर्डी साईं बाबा चालीसा एवं अस्तु तब कहकर साईं, देते थे उसको वरदान ॥


स्वयं दु:खी बाबा हो जाते, दीन-दुखी जन का लख हाल ।
अन्त: करण श्री साईं का, सागर जैसा रहा विशाल ॥


भक्त एक मद्रासी आया, घर का बहुत बड़ा धनवान ।
माल खजाना बेहद उसका, केवल नहीं रही सन्तान ॥


लगा मनाने साईं नाथ को, बाबा मुझ पर दया करो ।
झंझा से झंकृत नैया को, तुम ही मेरी पार करो ॥


कुलदीपक के अभाव में, व्यर्थ है दौलत की माया ।
आज भिखारी बन कर बाबा, शरण तुम्हारी मैं आया ॥


दे दो मुझको पुत्र दान, मैं ॠणी रहूंगा जीवन भर ।
और किसी की आस न मुझको, सिर्फ़ भरोसा है तुम पर ॥


अनुनय-विनय बहुत की उसने, चरणों में धर के शीश ।
तब प्रसन्न होकर बाबा ने, दिया भक्त को यह आशीष ॥


अल्लाह भला करेगा तेरा, पुत्र जन्म हो तेरे घर ।
कृपा होगी तुम पर उसकी, और तेरे उस बालक पर ॥


अब तक नही किसी ने पाया, साईं की कृपा का पार ।
पुत्र रत्न दे मद्रासी को, धन्य किया उसका संसार ॥


शिर्डी साईं बाबा चालीसा तन-मन से जो भजे उसी का, जग में होता है उद्धार ।
सांच को आंच नहीं है कोई, सदा झूठ की होती हार ॥


मैं हूं सदा सहारे उसके, सदा रहूंगा उसका दास ।
साईं जैसा प्रभु मिला है, इतनी ही कम है क्या आस ॥


मेरा भी दिन था इक ऐसा, मिलती नहीं मुझे थी रोटी ।
तन पर कपड़ा दूर रहा था, शेष रही नन्हीं सी लंगोटी ॥


सरिता सन्मुख होने पर भी मैं प्यासा का प्यासा था ।
दुर्दिन मेरा मेरे ऊपर, दावाग्नि बरसाता था ॥


धरती के अतिरिक्त जगत में, मेरा कुछ अवलम्ब न था ।
बना भिखारी मैं दुनिया में, दर-दर ठोकर खाता था ॥


ऐसे में इक मित्र मिला जो, परम भक्त साईं का था ।
जंजालों से मुक्त मगर इस, जगती में वह मुझ-सा था ॥


बाबा के दर्शन की खातिर, मिल दोनों ने किया विचार ।
साईं जैसे दया-मूर्ति के, दर्शन को हो गए तैयार ॥


शिर्डी साईं बाबा चालीसा पावन शिर्डी नगरी में जाकर, देखी मतवाली मूर्ति ।
धन्य जन्म हो गया कि हमने, जब देखी साईं की सूरति ॥


जबसे किए हैं दर्शन हमने, दु:ख सारा काफूर हो गया ।
संकट सारे मिटे और, विपदाओं का अन्त हो गया ॥


मान और सम्मान मिला, भिक्षा में हमको बाबा से ।
प्रतिबिम्बित हो उठे जगत में, हम साईं की आभा से ॥


बाबा ने सम्मान दिया है, मान दिया इस जीवन में ।
इसका ही सम्बल ले मैं, हंसता जाऊंगा जीवन में ॥


साईं की लीला का मेरे, मन पर ऐसा असर हुआ ।
लगता जगती के कण-कण में, जैसे हो वह भरा हुआ ॥


“काशीराम” बाबा का भक्त, इस शिर्डी में रहता था ।
मैं साईं का साईं मेरा, वह दुनिया से कहता था ॥


सीकर स्वयं वस्त्र बेचता, ग्राम नगर बाजारों में ।
झंकृत उसकी हृद तन्त्री थी, साईं की झंकारों में ॥


स्तब्ध निशा थी, थे सोये, रजनी आंचल में चांद-सितारे ।
नहीं सूझता रहा हाथ को हाथ तिमिर के मारे ॥


वस्त्र बेचकर लौट रहा था, हाय! हाट से “काशी” ।
विचित्र बड़ा संयोग कि उस दिन, आता था वह एकाकी ॥


घेर राह में खड़े हो गए, उसे कुटिल, अन्यायी ।
मारो काटो लूटो इस की ही ध्वनि पड़ी सुनाई ॥


लूट पीट कर उसे वहां से, कुटिल गये चम्पत हो ।
आघातों से ,मर्माहत हो, उसने दी संज्ञा खो ॥


बहुत देर तक पड़ा रहा वह, वहीं उसी हालत में ।
जाने कब कुछ होश हो उठा, उसको किसी पलक में ॥


अनजाने ही उसके मुंह से, निकल पड़ा था साईं ।
जिसकी प्रतिध्वनि शिर्डी में, बाबा को पड़ी सुनाई ॥


क्षुब्ध उठा हो मानस उनका, बाबा गए विकल हो ।
लगता जैसे घटना सारी, घटी उन्हीं के सम्मुख हो ॥


उन्मादी से इधर-उधर, तब बाबा लगे भटकने ।
सम्मुख चीजें जो भी आईं, उनको लगे पटकने ॥


और धधकते अंगारों में, बाबा ने अपना कर डाला ।
हुए सशंकित सभी वहां, लख ताण्डव नृत्य निराला ॥


समझ गए सब लोग कि कोई, भक्त पड़ा संकट में ।
क्षुभित खड़े थे सभी वहां पर, पड़े हुए विस्मय में ॥


उसे बचाने के ही खातिर, बाबा आज विकल हैं ।
उसकी ही पीड़ा से पीड़ित, उनका अन्त:स्थल है ॥


इतने में ही विधि ने अपनी, विचित्रता दिखलाई ।
लख कर जिसको जनता की, श्रद्धा-सरिता लहराई ॥


लेकर कर संज्ञाहीन भक्त को, गाड़ी एक वहां आई ।
सम्मुख अपने देख भक्त को, साईं की आंखें भर आईं ॥


शान्त, धीर, गम्भीर सिन्धु-सा, बाबा का अन्त:स्थल ।
आज न जाने क्यों रह-रह कर, हो जाता था चंचल ॥


आज दया की मूर्ति स्वयं था, बना हुआ उपचारी ।
और भक्त के लिए आज था, देव बना प्रतिहारी ॥51॥


आज भक्ति की विषम परीक्षा में, सफल हुआ था काशी।
उसके ही दर्शन के खातिर, थे उमड़े नगर-निवासी ॥


जब भी और जहां भी कोई, भक्त पड़े संकट में ।
उसकी रक्षा करने बाबा, आते हैं पलभर में ॥


युग-युग का है सत्य यह, नहीं कोई नई कहानी ।
आपातग्रस्त भक्त जब होता, आते खुद अन्तर्यामी ॥


भेद-भाव से परे पुजारी, मानवता के थे साईं ।
जितने प्यारे हिन्दु-मुस्लिम, उतने ही थे सिक्ख ईसाई ॥


भेद-भाव मन्दिर-मस्जिद का, तोड़-फोड़ बाबा ने डाला ।
राम-रहीम सभी उनके थे, कृष्ण-करीम-अल्लाहताला ॥


घण्टे की प्रतिध्वनि से गूंजा, मस्जिद का कोना-कोना ।
मिले परस्पर हिन्दू-मुस्लिम, प्यार बढ़ा दिन-दिन दूना ॥


चमत्कार था कितना सुंदर, परिचय इस काया ने दी ।
और नीम कडुवाहट में भी, मिठास बाबा ने भर दी ॥


सबको स्नेह दिया साईं ने, सबको सन्तुल प्यार किया ।
जो कुछ जिसने भी चाहा, बाबा ने उनको वही दिया ॥


ऐसे स्नेह शील भाजन का, नाम सदा जो जपा करे ।
पर्वत जैसा दु:ख न क्यों हो, पलभर में वह दूर टरे ॥


साईं जैसा दाता हमने, अरे नहीं देखा कोई ।
जिसके केवल दर्शन से ही, सारी विपदा दूर हो गई ॥


तन में साईं, मन में साईं, साईं-साईं भजा करो ।
अपने तन की सुधि-बुधि खोकर, सुधि उसकी तुम किया करो ॥


जब तू अपनी सुधि तज, बाबा की सुधि किया करेगा ।
और रात-दिन बाबा, बाबा ही तू रटा करेगा ॥


तो बाबा को अरे! विवश हो, सुधि तेरी लेनी ही होगी ।
तेरी हर इच्छा बाबा को, पूरी ही करनी होगी ॥


जंगल-जंगल भटक न पागल, और ढूंढ़ने बाबा को ।
एक जगह केवल शिर्डी में, तू पायेगा बाबा को ॥


धन्य जगत में प्राणी है वह, जिसने बाबा को पाया ।
दु:ख में सुख में प्रहर आठ हो, साईं का ही गुण गाया ॥


गिरें संकटों के पर्वत, चाहे बिजली ही टूट पड़े ।
साईं का ले नाम सदा तुम, सम्मुख सब के रहो अड़े ॥


इस बूढ़े की करामात सुन, तुम हो जाओगे हैरान ।
दंग रह गये सुनकर जिसको, जाने कितने चतुर सुजान ॥


एक बार शिर्डी में साधू, ढ़ोंगी था कोई आया ।
भोली-भाली नगर-निवासी, जनता को था भरमाया ॥


जड़ी-बूटियां उन्हें दिखाकर, करने लगा वहां भाषण ।
कहने लगा सुनो श्रोतागण, घर मेरा है वृन्दावन ॥


औषधि मेरे पास एक है, और अजब इसमें शक्ति ।
इसके सेवन करने से ही, हो जाती दु:ख से मुक्ति ॥


अगर मुक्त होना चाहो तुम, संकट से बीमारी से ।
तो है मेरा नम्र निवेदन, हर नर से हर नारी से ॥


लो खरीद तुम इसको इसकी, सेवन विधियां हैं न्यारी ।
यद्यपि तुच्छ वस्तु है यह, गुण उसके हैं अति भारी ॥


जो है संतति हीन यहां यदि, मेरी औषधि को खायें ।
पुत्र-रत्न हो प्राप्त, अरे वह मुंह मांगा फल पायें ॥


औषधि मेरी जो न खरीदे, जीवन भर पछतायेगा ।
मुझ जैसा प्राणी शायद ही, अरे यहां आ पायेगा ॥


दुनियां दो दिन का मेला है, मौज शौक तुम भी कर लो ।
गर इससे मिलता है, सब कुछ, तुम भी इसको ले लो ॥


हैरानी बढ़ती जनता की, लख इसकी कारस्तानी ।
प्रमुदित वह भी मन ही मन था, लख लोगो की नादानी ॥


खबर सुनाने बाबा को यह, गया दौड़कर सेवक एक ।
सुनकर भृकुटि तनी और, विस्मरण हो गया सभी विवेक ॥


हुक्म दिया सेवक को, सत्वर पकड़ दुष्ट को लाओ ।
या शिर्डी की सीमा से, कपटी को दूर भगाओ ॥


मेरे रहते भोली-भाली, शिर्डी की जनता को ।
कौन नीच ऐसा जो, साहस करता है छलने को ॥


पल भर में ही ऐसे ढ़ोंगी, कपटी नीच लुटेरे को ।
महानाश के महागर्त में, पहुंचा दूं जीवन भर को ॥


तनिक मिला आभास मदारी क्रूर कुटिल अन्यायी को ।
काल नाचता है अब सिर पर, गुस्सा आया साईं को ॥


पल भर में सब खेल बन्द कर, भागा सिर पर रखकर पैर ।
सोच था मन ही मन, भगवान नहीं है अब खैर ॥


सच है साईं जैसा दानी, मिल न सकेगा जग में ।
अंश ईश का साईंबाबा, उन्हें न कुछ भी मुश्किल जग में ॥


स्नेह, शील, सौजन्य आदि का, आभूषण धारण कर ।
बढ़ता इस दुनिया में जो भी, मानव-सेवा के पथ पर ॥


वही जीत लेता है जगती के, जन-जन का अन्त:स्थल ।
उसकी एक उदासी ही जग को कर देती है विह्वल ॥


जब-जब जग में भार पाप का, बढ़ बढ़ ही जाता है ।
उसे मिटाने के ही खातिर, अवतारी ही आता है ॥


पाप और अन्याय सभी कुछ, इस जगती का हर के ।
दूर भगा देता दुनिया के, दानव को क्षण भर में ॥


स्नेह सुधा की धार बरसने, लगती है इस दुनिया में ।
गले परस्पर मिलने लगते, हैं जन-जन आपस में ॥


ऐसे ही अवतारी साईं, मृत्युलोक में आकर ।
समता का यह पाठ पढ़ाया, सबको अपना आप मिटाकर ॥


नाम द्वारका मस्जिद का, रक्खा शिर्डी में साईं ने ।
दाप, ताप, सन्ताप मिटाया, जो कुछ आया साईं ने ॥


सदा याद में मस्त राम की, बैठे रहते थे साईं ।
पहर आठ ही राम नाम का, भजते रहते थे साईं ॥


सूखी-रूखी, ताजी-बासी, चाहे या होवे पकवान ।
सदा प्यार के भूखे साईं की, खातिर थे सभी समान ॥


स्नेह और श्रद्धा से अपनी, जन जो कुछ दे जाते थे ।
बड़े चाव से उस भोजन को, बाबा पावन करते थे ॥


कभी-कभी मन बहलाने को, बाबा बाग में जाते थे ।
प्रमुदित मन निरख प्रकृति, छटा को वे होते थे ॥


रंग-बिरंगे पुष्प बाग के, मन्द-मन्द हिल-डुल करके ।
बीहड़ वीराने मन में भी, स्नेह सलिल भर जाते थे ॥


ऐसी सुमधुर बेला में भी, दु:ख आपात विपदा के मारे ।
अपने मन की व्यथा सुनाने, जन रहते बाबा को घेरे ॥


सुनकर जिनकी करूण कथा को, नयन कमल भर आते थे ।
दे विभूति हर व्यथा,शान्ति, उनके उर में भर देते थे ॥


जाने क्या अद्भुत,शक्ति, उस विभूति में होती थी ।
जो धारण करते मस्तक पर, दु:ख सारा हर लेती थी ॥


धन्य मनुज वे साक्षात् दर्शन, जो बाबा साईं के पाये ।
धन्य कमल-कर उनके जिनसे, चरण-कमल वे परसाये ॥


काश निर्भय तुमको भी, साक्षात साईं मिल जाता ।
बरसों से उजड़ा चमन अपना, फिर से आज खिल जाता ॥


गर पकड़ता मैं चरण श्री के, नहीं छोड़ता उम्रभर ।
मना लेता मैं जरूर उनको, गर रूठते साईं मुझ पर ॥


Sai Baba Aarti Lyrics

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संपूर्ण साईं बाबा की आरती हिंदी में

आरती साईबाबा ।
सौख्यदातारा जीवा ।
चरणरजतळीं निज दासां विसावां ।
भक्तां विसावा ॥धृ॥
जाळुनियां अनंग ।
स्वस्वरुपी राहे दंग ।
मुमुक्षुजना दावी ।
निजडोळां श्रीरंग ॥१॥

जया मनीं जैसा भाव ।
तया तैसा अनुभव ।
दाविसी दयाघना ।
ऐसी ही तुझी माव ॥२॥

तुमचें नाम ध्यातां ।
हरे संसृतिव्यथा ।
अगाध तव करणी ।
मार्ग दाविसी अनाथा ॥३॥

कलियुगीं अवतार ।
सगुणब्रह्म साचार ।
अवतीर्ण झालासे ।
स्वामी दत्त दिगंबर ॥४॥

आठा दिवसां गुरुवारी ।
भक्त करिती वारी ।
प्रभुपद पहावया ।
भवभय निवारी ॥५॥

माझा निजद्रव्य ठेवा ।
तव चरणसेवा ।
मागणें हेंचि आता ।
तुम्हा देवाधिदेवा ॥६॥

इच्छित दीन चातक ।
निर्मळ तोय निजसुख ।
पाजावें माधवा या ।
सांभाळ आपुली भाक ॥७॥

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